अल्ट्रासाउंड जांच कैसे होती है?
अल्ट्रासाउंड जांच कैसे होती है?
अल्ट्रासाउंड एक मेडिकल इमेजिंग तकनीक है जिसका द्वारा शरीर के अंदर अंगो और टिशूज को देकने के लिए किया जाता है। यह तकनीक साउंड वेव्स के द्वारा शरीर के अंदर की तस्वीर बनाती है। इस इमेजिंग तकनीक के द्वारा गर्ब्वस्था, पेट, हार्ट, किडनी, लिवर और अन्य अंगों की जांच के लिए किया जाता है। सैगल
डाइग्नोस्टिक सीतापुर मैं उत्तम सत्तर की जांच प्रदान करता है और साथ ही साथ
विभिन प्रकार की अल्ट्रासाउंड जांच और
डायग्नोस्टिक टेस्टिंग बी करता है।
अल्ट्रासाउंड जांच की प्रकिरिया।
अल्ट्रासाउंड एक मेडिकल इमेजिंग तकनीक है जिसका द्वारा शरीर के अंदर अंगो और टिशूज को देकने के लिए किया जाता है। यह तकनीक साउंड वेव्स के द्वारा शरीर के अंदर की तस्वीर बनाती है। इस इमेजिंग तकनीक के द्वारा गर्ब्वस्था, पेट, हार्ट, किडनी, लिवर और अन्य अंगों की जांच के लिए किया जाता है।
· डॉक्टर की सलाह और अपॉइंटमेंट: डॉक्टर की दी गयी सलाह को अपनाये और उनके बताये हुए अल्ट्रासाउंड की जांच कराये। इसके लिए आपको किसी डायग्नोस्टिक सेण्टर या हॉस्पिटल मैं अपॉइंटमेंट लेना पड़ेगा।
· तैयारी: अलग अलग अंगो के अल्ट्रासाउंड के लिए अलग अलग प्रकार की तैयारी होती है जैसे की पेट के अल्ट्रासाउंड के लिए आपको ६-८ घंटे तक खाली पेट रहना पद सकता है क्योकि भोजन से पेट और आंतो मई गैस बन जाती है, जिसके कारण इमेज स्पष्ट नहीं आती है। गर्भवस्था और मूत्राशय के अल्ट्रासाउंड के लिए आपको अधिक मात्रा मैं पानी पिने के लिए कहा जा सकता है ताकि मूत्राशय भरा हुआ हो और इमेज साफ़ दिखाई दे।
· जांच की प्रकिरिया: अल्ट्रासाउंड की जांच करने के लिए सब से पहले आपको एक गाउन पहनाया जाएगा और जिस बी अंग की जांच होनी है उस अंग को एक्सपोज़ रखा जाता है। इसके बाद स्किन पर एक विशेष प्रकार का जेल लगाया जाता है। यह जेल क्लियर इमेज देने मैं मदद करता है।
· ट्रान्सडूसर से स्कैनिंग: ट्रान्सडूसर एक छोटा यन्त्र है जो साउंड वेव्स भेजता है और रिसीव करता है। यह यन्त्र तकनीशियन द्वारा स्किन पर धीरे धीरे घुमाया जाता है।
· टाइम और आराम : यह प्रकिरिया लगभग १५-३० मिनट तक चलता है और यह बिना किसी असुविधा प्रकट करे सम्पूर्ण हो जाती है। यह अल्ट्रासाउंड करते समय कोई दर्द महसूस नहीं होता है बस हल्का ठण्ड या प्रेशर महसूस होता है।
· रिपोर्ट और परिणाम: अल्ट्रासाउंड स्कैन करने के बाद रेडियोलाजिस्ट स्कैन के रिजल्ट के हिसाब से आपकी रिपोर्ट तैयार करता ह। इसके बाद रिपोर्ट को डॉक्टर के पास भेजा जाता है जो रिपोर्ट को समझकर आपको रिजल्ट समजाते है।
· डॉक्टर की सलाह और अपॉइंटमेंट: डॉक्टर की दी गयी सलाह को अपनाये और उनके बताये हुए अल्ट्रासाउंड की जांच कराये। इसके लिए आपको किसी डायग्नोस्टिक सेण्टर या हॉस्पिटल मैं अपॉइंटमेंट लेना पड़ेगा।
· तैयारी: अलग अलग अंगो के अल्ट्रासाउंड के लिए अलग अलग प्रकार की तैयारी होती है जैसे की पेट के अल्ट्रासाउंड के लिए आपको ६-८ घंटे तक खाली पेट रहना पद सकता है क्योकि भोजन से पेट और आंतो मई गैस बन जाती है, जिसके कारण इमेज स्पष्ट नहीं आती है। गर्भवस्था और मूत्राशय के अल्ट्रासाउंड के लिए आपको अधिक मात्रा मैं पानी पिने के लिए कहा जा सकता है ताकि मूत्राशय भरा हुआ हो और इमेज साफ़ दिखाई दे।
· जांच की प्रकिरिया: अल्ट्रासाउंड की जांच करने के लिए सब से पहले आपको एक गाउन पहनाया जाएगा और जिस बी अंग की जांच होनी है उस अंग को एक्सपोज़ रखा जाता है। इसके बाद स्किन पर एक विशेष प्रकार का जेल लगाया जाता है। यह जेल क्लियर इमेज देने मैं मदद करता है।
· ट्रान्सडूसर से स्कैनिंग: ट्रान्सडूसर एक छोटा यन्त्र है जो साउंड वेव्स भेजता है और रिसीव करता है। यह यन्त्र तकनीशियन द्वारा स्किन पर धीरे धीरे घुमाया जाता है।
· टाइम और आराम : यह प्रकिरिया लगभग १५-३० मिनट तक चलता है और यह बिना किसी असुविधा प्रकट करे सम्पूर्ण हो जाती है। यह अल्ट्रासाउंड करते समय कोई दर्द महसूस नहीं होता है बस हल्का ठण्ड या प्रेशर महसूस होता है।
· रिपोर्ट और परिणाम: अल्ट्रासाउंड स्कैन करने के बाद रेडियोलाजिस्ट स्कैन के रिजल्ट के हिसाब से आपकी रिपोर्ट तैयार करता ह। इसके बाद रिपोर्ट को डॉक्टर के पास भेजा जाता है जो रिपोर्ट को समझकर आपको रिजल्ट समजाते है।
अल्ट्रासाउंड के प्रकार:
· एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड
· पेल्विक एरिया का अल्ट्रासाउंड
· प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड
· कार्डियक अल्ट्रासाउंड
· थाइरोइड, किडनी, लिवर, आदि।
· डॉप्लर अल्ट्रासाउंड।
· एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड
· पेल्विक एरिया का अल्ट्रासाउंड
· प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड
· कार्डियक अल्ट्रासाउंड
· थाइरोइड, किडनी, लिवर, आदि।
· डॉप्लर अल्ट्रासाउंड।
क्या अल्ट्रासाउंड स्कैन सुरक्षित होता है ?
- · हाँ अल्ट्रासाउंड स्कैन पूरी तरह सुरक्षित होता है क्योकि इसमें रेडिएशन्स नहीं होती है।
- · और साथ ही साथ ये अल्ट्रासाउंड स्कैन महिलाओ और बच्चो के लिए भी सुरसक्षित होता है।
- · सैगल डायग्नोस्टिक सीतापुर मैं अव्वल दर्जे की डायग्नोस्टिक टेस्टिंग और सेवाएं प्रदान करता है काफी किफायती दामों पर ताकि हर श्रेणी के लोग सैगल डायग्नोस्टिक की सेवाओं का आनंद उठा सके।
- · हाँ अल्ट्रासाउंड स्कैन पूरी तरह सुरक्षित होता है क्योकि इसमें रेडिएशन्स नहीं होती है।
- · और साथ ही साथ ये अल्ट्रासाउंड स्कैन महिलाओ और बच्चो के लिए भी सुरसक्षित होता है।
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